, एजेंसियां/जेएनएन। यदि आप पिछले महीने के सुपरमून का नजारा देखने से चूक गए हैं, तो आपके पास एक और मौका है। बुधवार को गुरु पूर्णिमा है। इस गुरु पूर्णिमा पर कई संयोग एक साथ बन रहे हैं। ज्योतिष के लिहाज से देखें तो इस गुरु पूर्णिमा पर चार राजयोग बन रहे हैं। वहीं विज्ञान की लिहाज से देखें तो इस बार गुरु पूर्णिमा पर अनोखी खगोलीय घटना होने जा रही है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) का कहना है कि साल 2022 का दूसरा सुपरमून इस हफ्ते तीन दिनों तक नजर आ सकता है।
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार चंद्रमा की कक्षा उसको पृथ्वी के सामान्य से ज्यादा करीब लाएगी। इस खगोलीय संयोजन को सुपरमून (supermoon) के नाम से जानते हैं। सुपरमून वह खगोलीय घटना है जिसमें चंद्रमा धरती के सबसे करीब होता है। यदि इस दौरान आसमान में बादल नहीं हों और मौसम साफ हो तो चंद्रमा अधिक चमकीला और अपेक्षाकृत ज्यादा बड़ा दिखाई देता है। बीते 14 जून को नजर आए सुपरमून को 'स्ट्राबेरी मून' नाम दिया गया था क्योंकि यह स्ट्राबेरी की फसल के सीजन में दिखा था।
इस बार तीन दिनों तक पूरा नजर आएगा चांद
वहीं समाचार एजेंसी आइएएनएस के मुताबिक नासा ने अपने बयान में कहा कि इस बार सुपरमून के दौरान चंद्रमा लगभग तीन दिनों तक (मंगलवार की सुबह से शुक्रवार की सुबह तक) पूरा दिखाई दे सकता है। हालांकि यह असल फुलमून नहीं होगा। जानकारों की मानें तो बड़े आकार के कारण यह तीन दिन तक फुलमून की तरह दिखाई देखा। 13 जुलाई बुधवार को सुबह 5 बजे ईडीटी (Eastern Daylight Time, EDT) यानी सुबह 09 बजे (GMT, Greenwich Mean Time) को चंद्रमा पृथ्वी के निकटतम बिंदु (357,264 किलोमीटर दूरी) पर पहुंचेगा।
सागर में उठती हैं लहरें
- हिन्दू मान्यता है कि पूर्णिमा को चंद्रमा अपनी सभी कलाओं से परिपूर्ण होता है।
- चंद्रमा पूर्णिमा को अन्य दिनों की तुलान में सबसे अधिक चमकीला होता है।
- सुपरमून पर चंद्रमा अन्य पुर्णिमा की तुलना में थोड़ा और बड़ा नजर आता है।
- पृथ्वी से नजदीक होने के कारण चंद्रमा का रंग थोड़ा लाल नजर आता है।
- मान्यता है कि चांद का संबंध जल से है इसलिए पूर्णिमा को ज्वार-भाटा आता है।
यह सुपरमून है बक मून
सुपरमून को बक मून (Buck Moon) के नाम से भी जानते हैं। यानी यह पूर्णिमा तब होगी जब चंद्रमा धरती के निकटतम बिंदु पर होगा। बक मून (Buck Moon) का नाम नर हिरण (हिरन) के सींगों से लिया गया है। बक मून (Buck Moon) साल के उस सीजन में नजर आता है, जब हिरणों के नए सींग उगते हैं। समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई का फुल बक मून (Full Buck Moon) इस साल किसी भी अन्य पूर्णिमा की तुलना में पृथ्वी के ज्यादा करीब होगा।
ज्योतिष के लिहाज से बन रहे ये संयोग
- इस बार गुरु पूर्णिमा पर भद्र, रुचक, हंस और शश नामक चार राजयोग बन रहे हैं।
- इस गुरु पूर्णिमा को मंगल, बुध, गुरु और शनि अपनी स्वराशि में विराजमान हैं।
- पूर्णिमा तिथि 13 जुलाई को भोर 4:08 बजे से और रात को 12:06 तक रहेगी।
- इस गुरु पूर्णिमा पर ली गई दीक्षा शिष्य के जीवन में अति शुभ फलदायी होगी।
- भगवान विष्णु की उपासना करें, दीपक जलाएं और केले के वृक्ष का पूजन करें।
अब अगस्त में नजर आएगा सुपरमून
जुलाई में धरती के सबसे नजदीक होने के कारण चंद्रमा 2022 का सबसे बड़ा और सबसे चमकीला सुपरमून (Supermoon) होगा। Almanac.com के अनुसार यह अपने निकटतम बिंदु पर यानी पृथ्वी से 357,418 किलोमीटर की दूरी पर होगा। सुपरमून (Supermoon) साल में केवल तीन से चार बार नजर आता है। यह हमेशा लगातार दिखाई देता है। 2022 का पहला सुपरमून (Supermoon) जून में था। वर्ष का तीसरा और अंतिम सुपरमून (Supermoon) अगस्त में दिखाई देगा।


