Sri Lanka Crisis: श्रीलंका इस समय कंगाली और राजनीतिक अस्थिरता का सामना रहा है. पिछले कुछ महीनों में यहां हालात बद से बदतर हो गए हैं. यहां आर्थिक हालात इस कदर बिगड़े कि लोगों के दाना-पानी पर संकट पैदा हो गया. परिणाम सामने हैं. शनिवार को विरोध प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित प्रदर्शनकारियों के आगे पुलिस और सेना आखिरकार बेबस नजर आई. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे देश छोड़ कर भाग गए. वहीं रानिल विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. संभावना जताई जा रही है कि श्रीलंका में मार्शल लॉ लागू किया जा सकता है. फिलहाल चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल शावेंद्र सिल्वा ने नागरिकों से देश में शांति बनाए रखने की अपील की है.
तीनों सेनाओं के कमांडर्स के साथ विशेष बयान में सीडीएस ने नागरिकों से अपील की है कि देश में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा जवानों और पुलिस को अपना समर्थन दें. बहरहाल श्रीलंका की इस बर्बादी के पीछे कई सारे कारण हैं. इन कारणों में विदेशी कर्ज, ठप पड़ा टूरिज्म सेक्टर, हालिया कृषि नीति, जरूरी सामानों के लिए आयात पर निर्भरता वगैरह शामिल हैं. श्रीलंका की तरह ही कुछ और देश भी इसी बर्बादी की राह पर हैं.